अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक पंo प्रदीप मिश्रा शिव पुराण कथा सुनाएंगे 19 से 25 जून तक संसारपुर में
पंo प्रदीप मिश्रा की पहचान विश्व स्तर पर – महर्षि अरविन्द
खगड़िया (बिहार)। अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक सीहोर (म. प्र) वाले पंडित प्रदीप मिश्रा (42 वर्षीय) का शिव पुराण कथा वाचन आगामी 19 जून से 25 जून तक संसारपुर के मैदान में होगा, जिसमें लाखों लाख पुरुष ,महिलाएं और बच्चों के शरीक होने की संभावना है। आयोजन समिति सदस्यों द्वारा भव्य तैयारियां की जा रही है। प्रचार प्रसार भी जोरों पर है। संभावित अप्रत्याशित भीड़ के मद्दे नज़र अनुमंडल पदाधिकारी अमित अनुराग ने विगत दिनों आयोजन समिति के सदस्यों के संग एक विशेष बैठक भी अपने कक्ष में की थी। भरपूर प्रशासनिक सहयोग देने का वायदा भी अनुमंडल पदाधिकारी अमित अनुराग ने आयोजकों से किया। उक्त जानकारी देते हुए अंतर्राष्ट्रीय आध्यात्मिक केन्द्र के संस्थापक महर्षि अरविन्द ने कहा पंडित प्रदीप मिश्रा एक हिन्दू कथावाचक हैं। हमेशा हिन्दू धर्म से जुड़े हुए हैं और उन पहलुओं पर अच्छा खासा वक्तव्य देते हैं।पंo प्रदीप मिश्रा अपने प्रवचन में शिवपुराण की कथा सबसे ज्यादा करते हैं। आज के समय में इनकी बुजुर्गों के साथ साथ भारत के युवा भी काफी ज्यादा सुनने लगे हैं। आगे महर्षि अरविन्द ने कहा पंo प्रदीप मिश्रा शिव पुराण की कथा करने के साथ साथ लोगों को बहुत से टोटके भी बताते हैं जिससे लोगों की परेशानियां दूर हो जाती है। आज के समय में वे युवाओं का उत्साह बढ़ाने का भी काम करते हैं और प्रेरणादायक कहानी भी सुनाते हैं। महर्षि अरविन्द ने कहा उनकी खासियत है वे अपनी ज्यादातर कमाई का हिस्सा दान में दे देते हैं जिससे दीन दुखों का भला हो जाता है। प्रदीप मिश्रा भारत और दुनिया के एक जाने-माने कथावाचक और भजनकार है वह अपने भजन के माध्यम से लोगों को सही राह पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं। इसके अलावा उनके द्वारा दिया गया प्रवचन भी लोगों के जीवन में आमूलचूल परिवर्तन लाता है। उनकी कथा विदेशों में भी लोगों के द्वारा सुनी जाती है और उनका प्रोग्राम भी वहां पर होता है। महर्षि अरविन्द ने कहा विश्व में उनकी पहचान एक मशहूर कहानीकार के तौर पर भी होती है और वे जब कुछ प्रवचन देते हैं तो उनके शब्द काफी गहरे और अनमोल होते हैं। इसके अलावा प्रदीप पंडित मिश्रा जी भक्ति गीत भी गाते हैं और उनके गीतों को सुनकर भक्त पूरी तरह से भगवान के भक्ति में रम जाते हैं।


































